कलेक्टर बंगले के पास रेस्टोरेंट में कथित नशे की गतिविधियों पर MSG का मोर्चा, जुड़वा भाई डॉ. अमनदीप सिंह चावला को लेकर भी उठाए सवाल
सागर। बंडा शराब कांड के बाद जिले में शराब और नशे से जुड़ी गतिविधियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच कलेक्टर बंगले के पास और सागर क्लब के पीछे कैंट थाना क्षेत्र में संचालित एक रेस्टोरेंट को लेकर शिव सेना राज्य संगठक मनी सिंह गुरोन (MSG) ने प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की है।
मनी सिंह गुरोन (MSG) का आरोप है कि संबंधित रेस्टोरेंट में शराब या अन्य सूखा नशा कथित तौर पर बेचा नहीं जाता, बल्कि कुछ लोग अपना नशा लेकर वहां पहुंचते हैं और उन्हें बैठने एवं सेवन की सुविधा देकर कथित रूप से संरक्षण दिया जाता है। MSG का कहना है कि ऐसे स्थानों पर पुलिस और प्रशासन को यह जांचना चाहिए कि परिसर में नशे का सेवन किन परिस्थितियों में हो रहा है और संचालक की भूमिका क्या है।
अपने ही जुड़वा भाई डॉ. अमनदीप सिंह चावला को लेकर MSG ने उठाए सवाल
इस मामले में मनी सिंह गुरोन के जुड़वा भाई डॉ. अमनदीप सिंह चावला का जिक्र भी सामने आया है। गुरोन के अनुसार, डॉ. अमनदीप सिंह चावला, जो नमक मंडी स्थित भार्गव क्लीनिक से जुड़े हैं, उन्हें उक्त रेस्टोरेंट से संबंधित घटनाक्रम में अस्वस्थ अवस्था में देखा गया।
MSG का दावा है कि उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम एवं परिचितों की मदद से अपने जुड़वा भाई डॉ. अमनदीप सिंह चावला को सुरक्षित घर पहुंचाया।
मनी सिंह गुरोन का कहना है कि उनके पास इस पूरे घटनाक्रम से संबंधित स्क्रीनशॉट, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य सामग्री मौजूद है। MSG के मुताबिक, इनमें उनके भाई डॉ. अमनदीप सिंह चावला द्वारा कथित तौर पर नशे की हालत में की गई बातचीत और उल्टा-सीधा बोलने से संबंधित सामग्री भी शामिल है।
जुड़वा भाई डॉ. अमनदीप सिंह चावला पर ही MSG को धमकी देने का आरोप
मनी सिंह गुरोन ने आरोप लगाया है कि उन्हें धमकी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके जुड़वा भाई डॉ. अमनदीप सिंह चावला द्वारा किसी अर्जुन नाम के व्यक्ति की दी जा रही है
MSG का दावा है कि मामले को लेकर उन्हें चुप रहने और ज्यादा बोलने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। गुरोन का कहना है कि कथित धमकियों से संबंधित कॉल रिकॉर्डिंग एवं अन्य प्रमाण भी उनके पास सुरक्षित हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर पुलिस अथवा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।
MSG की प्रशासन से दो टूक मांग
मनी सिंह गुरोन (MSG) ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि संबंधित रेस्टोरेंट की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही कैंट थाना पुलिस द्वारा रेस्टोरेंट के लाइसेंस, शराब परोसने की अनुमति, संचालन की समय-सीमा, सीसीटीवी फुटेज और परिसर में शराब अथवा अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़े आरोपों की जांच की जाए।
MSG का कहना है कि बंडा शराब कांड जैसी गंभीर घटना के बाद प्रशासन को नशे से जुड़ी किसी भी शिकायत को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट की शरण लेंगे MSG
मनी सिंह गुरोन ने स्पष्ट कहा है कि यदि कैंट थाना पुलिस और संबंधित प्रशासन द्वारा इस मामले में समय रहते जांच एवं आवश्यक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वह अपने वकील के माध्यम से न्यायालय की शरण लेने के लिए मजबूर होंगे।
उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
MSG ने कहा कि पढ़े-लिखे और जिम्मेदार लोगों को भी नशे की हालत में सार्वजनिक स्थानों पर नजर नहीं आना चाहिए। उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को बदनाम करना नहीं, बल्कि नशे से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाना और शहर में ऐसी स्थिति बनने से पहले प्रशासन को सचेत करना है।
मनी सिंह गुरोन (MSG), शिव सेना राज्य संगठक ने पुलिस कंट्रोल रूम में शिकायत किए जाने की बात कहते हुए प्रशासन से तत्काल जांच, आवश्यक कार्रवाई और संबंधित रेस्टोरेंट की गतिविधियों की निगरानी की मांग की है।
MSG ने 22 अगस्त को ही प्रशासन को किया था आगाह
बही बीती 22 अगस्त को शिवसेना के राज्य संगठक मनी सिंह गुरोन (MSG) ने सागर जिले में शराब दुकानों की कार्यप्रणाली और शराब बिक्री की वास्तविक स्थिति को लेकर प्रशासन से व्यापक जांच की मांग की थी MSG का दावा है कि उन्होंने 22 अगस्त को ही प्रशासन को शराब दुकानों में कथित अनियमितताओं को लेकर आगाह किया था, जिसके कुछ दिनों बाद बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब का मामला सामने आया।
इसलिए प्रशासन को इस ओर ध्यान देना बेहद आवश्यक है..
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