कोलकाता में ABGP कार्यकर्ताओं पर कथित हमले के विरोध में सागर में ज्ञापन, मनीष दुबे बोले— राष्ट्र विरोधी विचारधारा बर्दाश्त नहीं

कोलकाता में ABGP कार्यकर्ताओं पर कथित हमले के विरोध में सागर में ज्ञापन, मनीष दुबे बोले— राष्ट्र विरोधी विचारधारा बर्दाश्त नहीं


प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर प्रतिभा पाल को सौंपा ज्ञापन, घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

सागर। पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (ABGP) के कार्यक्रम के दौरान कथित मारपीट और हिंसा के विरोध में सागर में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संगठन के पदाधिकारियों ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के महाकौशल प्रांत और सागर जिला इकाई के पदाधिकारियों ने कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। संगठन का आरोप है कि 27 सितंबर 2026 को कोलकाता स्थित SRFTI परिसर में आयोजित उसके कार्यक्रम के दौरान कुछ छात्र-छात्राओं और उनके साथ आए लोगों ने हंगामा किया और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की।

कार्यक्रम के दौरान नारेबाजी और पोस्टर फाड़ने का आरोप

ज्ञापन में बताया गया कि अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की पश्चिम बंगाल इकाई के कार्यकर्ताओं ने संस्थान के प्रशासन से कार्यक्रम आयोजित करने की पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त की थी। इसके लिए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करने के साथ आवश्यक शुल्क भी जमा किया गया था।

संगठन के मुताबिक, कार्यक्रम शुरू होने के बाद कुछ छात्र-छात्राएं बाहरी लोगों के साथ सभागार में पहुंचे और नारेबाजी करने लगे। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इस दौरान ‘आजादी-आजादी’, ‘RESIST HINDUTVA FASCISM’, ‘HATE HINDUTVA’ और ‘RSS GO BACK’ जैसे नारे लगाए गए। संगठन का यह भी आरोप है कि मंच पर लगे स्वामी विवेकानंद और भारत माता के चित्रों एवं पोस्टरों को फाड़ा गया और उन्हें पैरों से कुचला गया।

चार कार्यकर्ताओं के अस्पताल में भर्ती होने का दावा

ABGP ने ज्ञापन में दावा किया है कि कार्यक्रम के दौरान उसके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई, जिसमें चार कार्यकर्ताओं को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जबकि 12 अन्य कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आईं। संगठन के अनुसार, घटना में कई लोग घायल हुए।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सभागार में मौजूद करीब 70 कार्यकर्ताओं, जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे, को लगभग छह घंटे तक बंधक जैसी स्थिति में रहना पड़ा। संगठन ने पुलिस प्रशासन के साथ भी धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप लगाया है।

अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद ने इस घटना को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह की घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

जांच समिति बनाने और संबंधित छात्रों पर कार्रवाई की मांग

प्रधानमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने मांग की है कि घटना की जांच के लिए एक समिति गठित की जाए, जो पूरे मामले की निष्पक्षता से पड़ताल करे। साथ ही, घटना में कथित रूप से शामिल छात्र-छात्राओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और दोषी पाए जाने वालों को संस्थान से निलंबित करने की मांग भी रखी गई है।

संगठन ने दावा किया कि घटना से जुड़े कुछ वीडियो और तस्वीरें समाचार पत्रों तथा न्यूज चैनलों में सामने आए हैं। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि मामले में न्यायसंगत कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

मनीष दुबे और डॉ. संदीप श्रीवास्तव ने रखी बात

ABGP के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि घटना में शामिल पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, संगठन के सागर जिला उपाध्यक्ष मनीष दुबे ने कहा, “राष्ट्र विरोधी वामपंथी विचारधारा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

ज्ञापन सौंपने के दौरान अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, महाकौशल प्रांत के उपाध्यक्ष डॉ. संदीप श्रीवास्तव, सागर जिला उपाध्यक्ष मनीष दुबे, सदस्य पुष्पेंद्र यादव और सचिन गोस्वामी उपस्थित रहे।

0/Post a Comment/Comments

Domain