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मुर्दाघर में बर्थडे पार्टी और लड़कियों के साथ रंगरेलियां मनाते पकड़े गए कर्मचारी

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इंदाैर-: इंदौर का चर्चित और बड़ा एमवाय अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है। कभी डॉक्टरों की लापरवाही तो कभी नवजात की चोरी की वजह से चर्चाओं में रहे इस अस्पताल में इस बार एक अलग ही मामला सामने आया है। इस अस्पताल के मुर्दा घर में जहां शवों को रखा जाता है वह अय्याशी का अड्डा बना हुआ था। इस बाद का पता तब चला जब मुर्दा घऱ में कुछ लोग रात को शव लेकर पहुंचे। शवों की सुरक्षा में तैनात निजी एजेंसी के कर्मचारी रंगरलियां मनाते हुए पकड़े गए। लोगों ने दोनों कर्मचारियों को युवतियों के साथ धर दबोचा और फोटो-वीडियो वायरल कर दिए। सोशल मीडिया पर इस वाकये की तस्वीरें खूब वायरल हो रही हैं।  

रंगीन मिजाज कर्मचारी कई दिनों से दो युवतियों को मुर्दा घर में बुला रहे थे।शव लेकर आए लोगों ने देखा कि मुर्दा घर में तैनात कर्मचारी लड़कियों के साथ जन्मदिन मना रहे थे। जांच करने पर पता चला कि लड़कियां कई दिनों से यहां आ रही थीं। जब लोगों ने टोका तो कर्मचारियों ने लोगों से कहा कि आप यहां शव रखो और जाओ। बताया जाता है कि एक लड़की अपने ब्वायफ्रैंड का जन्मदिन मनाने यहां आई थी। हंगामे के बाद दोनों दोषी कर्मचारियों को निकाल दिया गया है।

अस्पताल प्रबंधन ने मुर्दा घर के संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। प्रबंधन ने कहा कि यदि उनकी तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं आएगा तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

एमवायएच में साफ-सफाई और सुरक्षा सहित अन्य काम एचएलएल और यूडीएस कंपनी मिलकर देखती हैं। इनको मेडिकल कॉलेज द्वारा करोड़ों रुपए भुगतान किया जाता है। कंपनी के सुपरवाइजर अतुल मराठे की जिम्मेदारी निगरानी की है। कुछ कर्मचारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि चार दिन से अस्पताल के आसपास घुमने वाली दोनों युवतियां यहां आ रही थी। सुपरवाइजर सहित अन्य लोग भी चार दिनों से यहां आते-जाते देखे गए।

एमवाय अस्पताल एमपी का सबसे बड़ा अस्पताल है। लेकिन कभी यहां से नवजात की चोरी हो जाती है। तो कभी डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज की मौत हो जाती है। कुछ दिन पहले एक और वजह से यह अस्पताल चर्चा में थी अस्पताल की मॉर्चुरी मे 158 दिन तक एक शव पड़ा रहा, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। आज जो तस्वीर सामने आई है, उसे देख आप कह सकते हैं कि यहां के कर्मचारी तो किसी और काम में मगन रहते हैं।

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