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गौ सेवा और गौ संरक्षण में अग्रणी है जैन समाज- मंत्री भूपेन्द्र सिंह

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*भूमिपूजन कर गौशाला को दी अनेक सौगात*

*बांदरी।* जैन समाज पूरे देश में गौसेवा और गौ संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाता है। मैं जन्म से क्षत्रिय हूं पर कर्म से सौ प्रतिशत जैन बन चुका हूं। यह उद्बोधन नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह ने बांदरी में आयोजित गौशाला के भूमिपूजन कार्यक्रम में दिया। मंत्री श्री सिंह ने बांदरी में सवा छह एकड़ में बनने जा रही विशाल गौशाला के लिए बाउंड्री वॉल, हाईमास्ट लाइटें, दो शेड, एक ट्रैक्टर और पानी के लिए बोरवेल स्वीकृत किया और कहा आप यहां गौवंश के चारे, देखभाल और उपचार के काम को लगाव से करिए सारी व्यवस्थाएं सरकार की ओर से पूरी की जाएंगी।

अपने उद्बोधन में मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा मुझे गौसेवा और संरक्षण के संस्कार मेरे पिता से मिले हैं जो स्वयं भोजन के पहले गौशाला में प्रत्येक गाय, बैल को चारा और पानी देकर ही भोजन पर बैठते थे। मेरे पिता ने कभी चमड़े के जूते नहीं पहने। आज भी हमारी गौशाला है जिसमें एक भी गाय बेची नहीं जाती,अपनी पूरी आयु तक उनके उपचार की व्यवस्था होती है। मैं आप, से भी आग्रह करता हूं कि कभी अपनी गौशाला की गाय न बेचें। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मैं जन्म से क्षत्रिय हूं पर कर्म से जैन हूं। कर्म से मैं सौ प्रतिशत जैन हो चुका हूं। आज भी प्याज लहसुन का सेवन नहीं करता। वैसे भी क्षत्रिय और जैन अलग अलग नहीं हैं। अनेक जैन तीर्थंकर क्षत्रिय ही थे और एक तरह से संबंध अब भी हैं।

मंत्री श्री सिंह ने कहा कि तीर्थंकर ऋषभदेव जी के काल से जैन समाज कृषि और गौसंरक्षण का काम करती रही है। भगवान ऋषभदेव जी का संदेश था कि कृषि करो और ऋषि बनो। कृषि बिना गौवंश के हो नहीं सकती। आज जैविक खेती की ओर लौटना पड़ा है। बीमारियों से रहित शुद्ध खाद्य उत्पादन जैविक खेती से ही संभव है जो बिना गौ संरक्षण के नहीं हो सकती।

मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार ने गौसंरक्षण के लिए कई प्रावधान किए हैं। गौहत्या पर इतने कड़े प्रतिबंध हैं कि वास्तविक तो ठीक कोई कागज की गाय भी नहीं काट सकता। 1500 गौशालाएं मप्र सरकार चला रही है जिनमें 1 लाख 80 हजार गौ वंश संरक्षित है और 2000 गौशालाएं और खोली जा रही हैं। सरकार गौशालाओं के लिए भूमि आवंटन अधिनियम बना रही है ताकि सरकार की तरफ से आसानी से गौशाला के लिए भूमि गौसेवा में लगी संस्थाओं को मिल सके। गौशालाओं के आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। गोबर गैस प्लांट, गोबर काष्ठ का उपयोग, गोबर खरीदना, आंगनबाड़ियों में दूध वितरण करने जैसे उपायों पर विचार हो रहा है ताकि गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

मंत्री श्री सिंह ने बताया कि सिर्फ बछिया पैदा करने की तकनीक आ चुकी है जिससे बछड़ों की तादाद घटने से गौसंरक्षण में सहायता होगी। गौशालाओं से सड़क पर दुर्घटनाओं में गायों के मारे जाने की स्थिति में सुधार होगा साथ ही किसानों को फसलों के संरक्षण में मदद मिलेगी।

मंत्री श्री सिंह ने बांदरी जैन समाज को गौशाला खोले जाने की शुभकामनाएं देते हुए इस गौशाला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र जैन का अभिनंदन किया जिन्होंने गौशाला के लिए एक ट्रैक्टर और एक लाख रु प्रतिवर्ष देने की घोषणा की। मंत्री श्री सिंह ने बंडा के भाजपा नेता महेंद्र जैन भूसा की मांग पर बंडा गौशाला के लिए दो हाईमास्ट लाइटों की स्वीकृति मंच से दी। बांदरी गौशाला के लिए सारी घोषित सुविधाओं पर काम तत्काल आरंभ होगा।

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